बेटियां बनेंगी लखपति: Lado Protsahan Yojana ने खाते में डाले 1.5 लाख

Lado Protsahan Yojana कहते हैं बेटियां पराया धन नहीं, बल्कि दो परिवारों की शान होती हैं। राजस्थान सरकार ने इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है जिससे हर बेटी के जन्म पर माता-पिता का सर ऊंचा हो जाए। हम बात कर रहे हैं लाडो प्रोत्साहन योजना की, जिसके तहत अब कन्या के जन्म से लेकर उसके Degree पुरी करने तक सरकार खाते में सीधे 1.5 लाख रुपये डाल रही है।

पहले यह योजना राजश्री योजना के नाम से चलती थी, जिसमें 50 हजार रुपये मिलते थे। लेकिन अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी की सरकार ने इस राशि को बढ़ाकर डेढ़ लाख कर दिया है, जो सीधे तीन गुना ज्यादा है। इसका मतलब साफ है – सरकार चाहती है कि कोई भी बेटी पढ़ाई-लिखाई में पीछे न रहे और आत्मनिर्भर बनकर अपने पैरों पर खड़ी हो सके।

लाडो प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य क्या है?

जब भी सरकार कोई योजना लाती है, तो उसके पीछे कोई न कोई बड़ा मकसद होता है। Lado Protsahan Yojana के पीछे भी सरकार के कई अहम उद्देश्य हैं जो समाज को एक नई दिशा देना चाहते हैं

लाडो प्रोत्साहन योजना के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं

  • बेटी के जन्म का जश्न: सबसे पहला और अहम उद्देश्य है बेटियों के जन्म को बढ़ावा देना। अक्सर समाज में बेटे की चाहत में बेटियों को पीछे रखा जाता है। यह योजना बेटी के जन्म को बोझ नहीं, बल्कि खुशी का मौका बनाती है।

  • लिंग भेद मिटाना: बेटा और बेटी में फर्क करने की पुरानी सोच को बदलना बहुत जरूरी है। इस योजना से सरकार यह संदेश देना चाहती है कि बेटी और बेटा दोनों बराबर हैं।

  • पढ़ाई-लिखाई में सहायता: गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार अक्सर बेटियों की पढ़ाई का खर्च नहीं उठा पाते। इस योजना की किस्तें उन्हें हर अहम पड़ाव पर आर्थिक मदद देती हैं ताकि पढ़ाई बीच में न छूटे।

  • बाल विवाह पर रोक: योजना की आखिरी किस्त तब मिलती है जब बेटी 21 साल की हो जाती है और Degree कर लेती है। इससे परिवार बेटी की कम उम्र में शादी करने से बचते हैं, क्योंकि पूरा पैसा पाने के लिए उन्हें बेटी के बड़े होने का इंतजार करना होता है।

लाडो प्रोत्साहन योजना – कैसे बनेगी बेटी लखपति?

अब सबसे दिलचस्प बात पर आते हैं। आखिर यह 1.5 लाख रुपये बेटी के खाते में कैसे पहुंचते हैं? यह पूरी राशि सात किस्तों में बांटी गई है। हर किस्त बेटी की जिंदगी के एक अहम पड़ाव पर दी जाती है।

किस्त नंबर कब मिलेगी राशि? कितनी राशि?
पहली किस्त बेटी के जन्म लेते ही ₹2,500
दूसरी किस्त 1 साल पूरा होने पर (सभी टीके लगवाने के बाद) ₹2,500
तीसरी किस्त पहली कक्षा में दाखिला लेने पर ₹4,000
चौथी किस्त छठी कक्षा में दाखिला लेने पर ₹5,000
पांचवीं किस्त दसवीं कक्षा में दाखिला लेने पर ₹11,000
छठी किस्त बारहवीं कक्षा में दाखिला लेने पर ₹25,000
सातवीं किस्त ग्रेजुएशन पूरा करने और 21 साल की उम्र पूरी होने पर ₹1,00,000
कुल राशि ₹1,50,000

लाडो प्रोत्साहन योजना की खास बात क्या है?

गौर से देखिए, सातवीं किस्त एक लाख रुपये की है जो सीधे बेटी के खाते में जमा की जाती है जब वह 21 साल की हो जाती है और ग्रेजुएशन कर लेती है। इससे पहले की किस्तें मां-बाप या कोई परिवार में से किसी एक के खाते में भेजी जाती हैं। यह रकम उस वक्त बेटी के हाथ में आती है जब उसे सबसे ज्यादा जरूरत होती है – चाहे वह आगे की पढ़ाई हो, कोई प्रोफेशनल कोर्स करना हो या अपना कोई छोटा-मोटा काम शुरू करना चाहती हो।

लाडो प्रोत्साहन योजना का कौन उठा सकता है लाभ?

योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें हैं, जो बहुत कठिन नहीं हैं। आम आदमी के लिए इन्हें पूरा करना आसान है :

  • मूल निवास: बेटी के मां-बाप राजस्थान के मूल निवासी होने चाहिए ।

  • जन्म स्थान: बेटी का जन्म किसी सरकारी अस्पताल या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में होना चाहिए। अगर निजी अस्पताल में जन्म है, तो वह अस्पताल जननी सुरक्षा योजना के तहत पंजीकृत होना चाहिए।

  • जाति-धर्म का बंधन नहीं: यह योजना किसी एक जाति या धर्म के लिए नहीं है। राजस्थान की कोई भी बेटी, चाहे वह किसी भी वर्ग या धर्म से हो, इस योजना का लाभ ले सकती है ।

  • पढ़ाई का स्थान: बेटी सरकारी स्कूल में पढ़े या मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल में, उसे योजना का लाभ मिलेगा। इसमें कोई भेदभाव नहीं है ।

कैसे करें आवेदन और कैसे मिलेगा पैसा।

सबसे अच्छी बात यह है कि इस योजना में अलग से आवेदन करने के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ती। यह प्रोसेस एकदम सटिक और ऑटोमॅटीक है । फिर भी, पूरी प्रक्रिया को समझ लेना जरूरी है ताकि कहीं कोई चूक न हो जाए।

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पहली और दूसरी किस्त के लिए :

  • गर्भावस्था के दौरान ही अस्पताल में अपना Registration करवां सकती है।

  • अस्पताल का स्टाफ ही आपकी सारी जानकारी PCTS पोर्टल पर दर्ज कर देंगे।

  • बेटी के जन्म के बाद पहली किस्त उनके आप मां-बाप के खाते में आ जाएगी।

  • बेटी के एक साल के होने और सभी टीके लग जाने के बाद दूसरी किस्त भी अपने आप आ मिलती है।

तीसरी से छठवी किस्त कब आयेंगी:

  • इसके लिए भी अलग से आवेदन की जरूरत नहीं है।

  • जिस स्कूल में बेटी पढ़ती है, वहां के अध्यापक या स्टाफ उसके प्रवेश की जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर देते हैं।

  • इस जानकारी के आधार पर हर कक्षा में प्रवेश पर सही समय पर पैसा खाते में पहुंच जाता है।

सातवीं और आखिरी किस्त के लिए :

  • बेटी जब कॉलेज में ग्रेजुएशन के लिए दाखिला लेती है, तो उच्च शिक्षा विभाग उसकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर देती है।

  • ग्रेजुएशन पूरा होते ही और 21 साल की उम्र पूरी होते ही एक लाख रुपये सीधे बेटी के खाते में ट्रांसफर कर दिए जाते हैं ।

लाडो प्रोत्साहन योजना के लिए जरूरी डॉक्युमेंट्स

  • बेटी का जन्म प्रमाण पत्र

  • मां-बाप का आधार कार्ड और जन-आधार कार्ड

  • राजस्थान का मूल निवास प्रमाण पत्र

  • बैंक पासबुक की कॉपी

  • PCTS आईडी (जो अस्पताल में रजिस्ट्रेशन के वक्त मिलती है)

  • स्कूल या कॉलेज में दाखिले का प्रमाण

अगर कभी कोई परेशानी हो, तो आप अपने गांव के आंगनवाडी सेविका, आशा वर्कर या सरकारी स्कूल के टिचर से संपर्क कर सकते हैं। वे आपकी पूरी मदद करेंगे ।

निष्कर्ष

लाडो प्रोत्साहन योजना सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह बेटियों के बेहतर कल के लिए एक मजबूत पिलर है । यह योजना उन तमाम मां-बाप के लिए वरदान है जो अपनी बेटी को उच्ची शिक्षा दिलाना चाहते हैं, लेकिन पैसों की तंगी के कारण ऐसा नहीं कर पाते।

योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह बेटी को जन्म से लेकर जवानी तक साथ निभाती है। हर कदम पर पैसा मिलता है, इसलिए परिवार पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ता। साथ ही, आखिरी किस्त 21 साल की उम्र में मिलने से बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर भी लगाम लगती है।

तो अगर आप राजस्थान में रहते हैं और आपके घर में बेटी पैदा हुई है या होने वाली है, तो यह सुनहरा अवसर न गंवाएं। सरकार खुद आपकी बेटी के खाते में पैसे डाल रही है। बस जरूरत है तो सही समय पर सही जानकारी रखने की और जरूरी डॉक्युमेंट्स तैयार रखने की।

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